नवरात्रि के शुभ फल

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नवरात्रि  के शुभ फल नवरात्रि के शुभ फल

 मार्च में आने वाले इन नवरात्रों में अष्‍टमी और नवमी एक ही दिन यानी 25 मार्च को हैं। इस दौरान पूरी श्रद्धा के साथ मां का विधिवत पूजन कई तरह के दोषों से मुक्‍त करने के साथ ही शुभ फल देने वाला भी होता है। नवरात्र‍ि के दौरान खान-पान और व‍िचार पूरी तरह सात्‍विक रखें। इससे तन ही नहीं मन की भी शुद्ध‍ि होती है।  बता दें कि नवरात्र के नौ दिनों में मां के गौर हो कि मां दुर्गा के जिन स्वरूपों की पूजा होती है उनमें माता शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि देवी हैं। नवरात्रों में नौ दिनों तक देवी माता जी का विशेष श्रृंगार करना चाहिए। चोला, फूलों की माला, हार और नए कपड़ों से माता जी का श्रृंगार किया जाता है। वहीं नवरात्र में देशी गाय के घी से अखंड ज्योति जलाना मां भगवती को बहुत प्रसन्न करने वाला कार्य होता है। लेकिन अगर गाय का घी नहीं है तो अन्य घी से माता की अखंड ज्योति पूजा स्थान पर जरूर जलानी चाहिए।

दुर्गा सप्तशती में 700 श्लोक हैं जो संस्कृत में हैं। इनका उच्चारण बिल्कुल ध्यान से करना चाहिए। श्रीवेद व्यास के मार्कण्डेय पुराण में दुर्गा सप्तशती का अध्याय है। दुर्गा सप्तशती के 3 भाग में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती नाम से 3 चरित्र हैं। प्रथम चरित्र में केवल पहला अध्याय, मध्यम चरित्र में दूसरा, तीसरा और चौथा अध्याय और बाकी सभी अध्याय उत्तम चरित्र में रखे गये हैं। प्रथम चरित्र में महाकाली का बीजाक्षर रूप ऊँ 'एं है। मध्यम चरित्र (महालक्ष्मी) का बीजाक्षर रूप 'हृी' और तीसरे उत्तम चरित्र महासरस्वती का बीजाक्षर रूप 'क्लीं' है। 

दुर्गा सप्तशती का एक दिन में पूरा पाठ न कर सकें, तो एक दिन केवल मध्यम चरित्र का और दूसरे दिन शेष 2 चरित्र का पाठ करे। दूसरा विकल्प यह है कि एक दिन में अगर पाठ न हो सके, तो एक, दो, एक चार, दो एक और दो अध्यायों को क्रम से  सात दिन में पूरा करें।

 

1. नवरात्रि खत्म होने से पहले घर के मेन गेट पर मां लक्ष्मी के पैर के चिन्ह लगाना बेहद शुभ होता हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पैर की दिशा अंदर की तरफ होनी चाहिए। 

2. घर या दूकान के मेन गेट के ऊपर देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लगाएं, जिसमें मां कमल के फूल पर विराजित हो। ऐसा करने से घर-परिवार को कई शुभ फल मिलते हैं।

3. घर दुकान के दरवाज़े पर चांदी का स्वास्तिक लगाना शुभ फलदायक माना जाता हैं। वास्तु के अनुसार, इससे घर में बीमारी नहीं आती। ऐसा ना कर पाने पर लाल कुमकुम से भी स्वास्तिक बना सकते हैं।

4. नवरात्रि में घर या दूकान के मेन गेट के पास किसी बर्तन में पानी भरकर उसमें फूल डाल दें। इसे गेट की पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। इससे घर के मुखिया को कई फ़ायद होंगे।

5. घर के दरवाज़े पर सुंदर और कलरफुल तोरण बांधें। अगर तोरण आम, पीपल या अशोक के पत्तों से बनी हो तो और भी अच्छा होगा। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती।

6. घर या दूकान के मेन गेट पर ॐ का चिन्ह बनाएं या शुभ लाभ लिखें। ध्यान रखे ये चिन्ह दरवाज़े के पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही बनाएं। इससे कोई बीमारी ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाती।

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